आगाज

बीस में जो मुश्किलें थीं,
उसको भूल जाएं ।
स्वागत करें नववर्ष का,
सतरंगी भूमि सजाएं ।
इंद्रधनुषी वितान में,
सौहार्द्र, समरस, घोल दें।
स्वस्थ, शुभकर उन्नति ले,
नव दशक का आगाज करें। 

-कमल चन्द्र शुक्ल

Published by kamal shukla

जन्म स्थान- प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश . इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.ए. एवं एम. ए. (हिंदी) , राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से एम. ए. (शिक्षा शास्त्र), फरवरी 2000 से केन्द्रीय विद्यालय संगठन मे स्नातकोत्तर शिक्षक के पद पर कार्यरत।

One thought on “आगाज

  1. As the New Year dawns, I hope it is filled with the promises of a brighter tomorrow. Happy New Year!🤗🤗

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